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रिकॉर्डिंग की आवाज़ साफ़ कैसे रखें: पंखे, कूलर और गूंज के बीच हिंदी रिकॉर्डिंग

रिकॉर्डिंग की आवाज़ साफ़ रखने के लिए सबसे ज़रूरी है कि माइक बोलने वाले के मुँह के पास हो और कमरे का शोर उससे दूर हो। पंखा या कूलर कुछ देर बंद करना, नरम चीज़ों वाले कमरे में बैठना और एक बार में एक ही व्यक्ति का बोलना — ये तीन आदतें हिंदी ट्रांसक्रिप्ट की ज़्यादातर गलतियाँ पहले ही रोक देती हैं।

9 मिनट में पढ़ें · अपडेट

ध्यान दें: mydubly का इंटरफ़ेस अभी अंग्रेज़ी में है। हिंदी ऑडियो का ट्रांसक्रिप्शन, हिंदी में अनुवाद और हिंदी आवाज़ उपलब्ध हैं — बस बटन और मेन्यू अंग्रेज़ी में दिखते हैं।

साफ़ रिकॉर्डिंग से ट्रांसक्रिप्ट में इतना फ़र्क क्यों पड़ता है

स्पीच रिकग्निशन सॉफ़्टवेयर वही लिखता है जो उसे सुनाई देता है। अगर आवाज़ के साथ पंखे की घरघराहट, बाहर का हॉर्न और कमरे की गूंज भी दर्ज हो गई, तो मशीन को शब्दों की सीमाएँ पहचानने में दिक्कत होती है। नतीजा यह होता है कि "मंडी" की जगह "मंदी", "कल" की जगह "काल" या पूरा वाक्य ही गायब मिलता है।

हिंदी में यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि रोज़मर्रा की बोली में अंग्रेज़ी शब्द, नाम और जल्दी-जल्दी बोले गए छोटे शब्द (है, था, तो, ना) बहुत आते हैं। ये छोटे शब्द धीमे स्वर में बोले जाते हैं और शोर में सबसे पहले दब जाते हैं। इसलिए रिकॉर्ड करते समय दो मिनट की सावधानी, बाद के दो घंटे के सुधार से बचा सकती है।

अगर आपके पास पहले से बनी रिकॉर्डिंग है और उसके ट्रांसक्रिप्ट में गलतियाँ आ रही हैं, तो कारण समझने के लिए हिंदी ट्रांसक्रिप्शन में गलतियाँ क्यों आती हैं वाला लेख पढ़ें। यह लेख अगली रिकॉर्डिंग को बेहतर बनाने के बारे में है।

पंखा, कूलर और AC: घर का सबसे लगातार शोर

भारतीय घरों में सबसे आम शोर छत का पंखा और डेज़र्ट कूलर है। हमारे कान इनकी आवाज़ को कुछ मिनट में अनदेखा कर देते हैं, पर माइक नहीं करता। कूलर की मोटर और पानी के पंप की आवाज़ पूरी रिकॉर्डिंग में एक परत की तरह बैठ जाती है।

  • रिकॉर्डिंग के 20–30 मिनट के लिए पंखा और कूलर बंद कर दें। गर्मी हो तो रिकॉर्डिंग से पहले कमरा ठंडा कर लें और फिर बंद करें।
  • अगर बंद करना संभव नहीं है, तो पंखे की गति सबसे कम रखें और माइक को पंखे के ठीक नीचे न रखें। पंखे की हवा सीधे माइक पर लगे तो "फड़फड़" जैसी आवाज़ आती है।
  • स्प्लिट AC आम तौर पर कूलर से शांत होता है, पर उसकी बाहरी यूनिट अगर खिड़की के पास है तो उसकी गूंज भी आती है।
  • फ़्रिज, इन्वर्टर की बीप और मिक्सर जैसी चीज़ें बीच-बीच में चालू होती हैं। लंबे इंटरव्यू से पहले घर वालों को बता दें कि अगले आधे घंटे रसोई में मिक्सर न चलाएँ।

लगातार चलने वाला शोर बीच-बीच में आने वाले शोर से कम नुकसान करता है, पर दोनों ही छोटे शब्दों को ढक देते हैं।

टाइल और खाली दीवारों वाले कमरे की गूंज

नए फ़्लैटों में फ़र्श पर विट्रिफ़ाइड टाइल, सपाट दीवारें और कम फ़र्नीचर होता है। ऐसे कमरे में आवाज़ दीवारों से टकराकर लौटती है और रिकॉर्डिंग "बाथरूम जैसी" सुनाई देती है। गूंज में हर शब्द की पूँछ अगले शब्द पर चढ़ जाती है, जिससे मशीन को दो शब्द एक जैसे लगने लगते हैं।

  • ऐसा कमरा चुनें जिसमें पलंग, गद्दे, परदे, अलमारी में कपड़े या किताबों की रैक हो। बेडरूम अक्सर ड्रॉइंग रूम से बेहतर रहता है।
  • फ़र्श पर दरी या कालीन बिछा दें, खिड़की के परदे खींच दें।
  • दीवार की तरफ़ मुँह करके न बोलें; कमरे के खुले हिस्से या परदे की तरफ़ मुँह रखें।
  • जल्दी में कोई जगह न मिले तो अलमारी खोलकर लटके कपड़ों के सामने बैठ जाएँ। यह पुराना पर असरदार तरीका है।

कमरे की बनावट और गूंज पर विस्तार से अंग्रेज़ी में आवाज़ रिकॉर्ड करने के लिए कमरे की ध्वनिकी (अंग्रेज़ी में) वाला लेख उपयोगी है।

ट्रैफ़िक, हॉर्न और गली का शोर

सड़क किनारे वाले घर या दफ़्तर में हॉर्न, ऑटो, प्रेशर कुकर की सीटी, फेरी वाले की आवाज़ और लाउडस्पीकर — सब रिकॉर्डिंग में घुस आते हैं। इन्हें पूरी तरह रोकना मुश्किल है, पर असर कम किया जा सकता है।

  • सड़क की तरफ़ वाली खिड़की से सबसे दूर वाला कमरा चुनें और खिड़की बंद रखें।
  • सुबह जल्दी या रात को देर से रिकॉर्ड करें, जब ट्रैफ़िक कम होता है।
  • अगर बीच में ज़ोर का हॉर्न या लाउडस्पीकर बज जाए, तो बोलने वाले से कहें कि वही वाक्य दोबारा बोल दें। यह संपादन से कहीं आसान है।
  • फ़ील्ड में (गाँव की चौपाल, बाज़ार, कारख़ाने) इंटरव्यू ले रहे हों तो किसी पेड़ की छाँव या बंद कमरे की तलाश करें, और फ़ोन को बोलने वाले के पास रखें, अपने पास नहीं।

बाहर रिकॉर्डिंग में हवा भी बड़ी समस्या है। हवा सीधे माइक पर लगे तो धड़धड़ाहट होती है, जो किसी भी सॉफ़्टवेयर के लिए शब्दों को पहचानना कठिन बना देती है।

फ़ोन कहाँ और कैसे रखें

ज़्यादातर लोग फ़ोन से ही रिकॉर्ड करते हैं, और यह बिल्कुल ठीक है। फ़र्क इस बात से पड़ता है कि फ़ोन कहाँ रखा है।

  1. फ़ोन को बोलने वाले के मुँह से लगभग एक बालिश्त (15–25 सेंटीमीटर) दूर रखें। बहुत पास रखेंगे तो "प" और "ब" पर फूँक की आवाज़ आएगी, बहुत दूर रखेंगे तो कमरा ज़्यादा सुनाई देगा।
  2. फ़ोन का माइक आम तौर पर नीचे की तरफ़ होता है। उस हिस्से को बोलने वाले की ओर रखें और उसे उँगली या कवर से न ढकें।
  3. फ़ोन को मेज़ पर सीधे रखें तो मेज़ पर रखे कप, पेन या उँगलियों की थपथपाहट रिकॉर्ड होती है। नीचे एक रूमाल या मोड़ा हुआ तौलिया रख दें।
  4. रिकॉर्डिंग शुरू करने से पहले फ़ोन को फ़्लाइट मोड या "डू नॉट डिस्टर्ब" पर कर दें, ताकि कॉल और नोटिफ़िकेशन की आवाज़ न आए।
  5. फ़ोन में जगह और बैटरी देख लें। एक घंटे की रिकॉर्डिंग बीच में बंद हो जाए तो दोबारा वैसी बातचीत मिलना मुश्किल है।

फ़ोन पर रिकॉर्डिंग की सेटिंग्स और ऐप चुनने पर अंग्रेज़ी में फ़ोन पर ट्रांसक्रिप्शन के लिए ऑडियो रिकॉर्ड करना (अंग्रेज़ी में) वाला गाइड भी देख सकते हैं।

ईयरफ़ोन माइक, लैपल माइक या फ़ोन का अपना माइक

हर स्थिति के लिए एक ही माइक सही नहीं होता। नीचे की तुलना से अपनी ज़रूरत तय करें:

फ़ोन का अपना माइक
एक व्यक्ति, शांत कमरा, फ़ोन पास रखा हो तो काफ़ी है
तार वाले ईयरफ़ोन का माइक
माइक मुँह के पास रहता है, इसलिए कमरे का शोर कम आता है; कपड़े से रगड़ की आवाज़ से बचें
ब्लूटूथ ईयरबड
सुविधाजनक, पर कई ईयरबड रिकॉर्डिंग में आवाज़ को दबा या धुंधला कर देते हैं; पहले टेस्ट करें
लैपल (क्लिप) माइक
इंटरव्यू और लेक्चर के लिए उपयोगी; छाती पर, ठुड्डी से एक बालिश्त नीचे लगाएँ
दो लैपल माइक
दो लोगों की बातचीत के लिए, हर व्यक्ति का अपना माइक

तार वाले ईयरफ़ोन के माइक को कॉलर या कुर्ते पर क्लिप कर दें, ताकि वह झूलकर दुपट्टे या बटन से न टकराए। लैपल माइक के तार से आने वाली सरसराहट एक आम समस्या है; तार को कपड़े के अंदर से निकालकर एक छोटा लूप बना दें।

एक समय में एक ही व्यक्ति बोले

घर की बैठक, पंचायत की बैठक या परिवार के बुज़ुर्गों से बातचीत में सब एक साथ बोलते हैं, यह हमारी बातचीत का स्वभाव है। पर ट्रांसक्रिप्शन के लिए यह सबसे कठिन स्थिति है। जब दो आवाज़ें एक साथ आती हैं, तो सॉफ़्टवेयर आम तौर पर तेज़ आवाज़ वाले को लिखता है और दूसरे के शब्द छोड़ देता है या दोनों को मिला देता है।

  • बातचीत शुरू करने से पहले विनम्रता से कह दें कि "एक-एक करके बोलें तो रिकॉर्डिंग साफ़ आएगी"।
  • इंटरव्यू में सवाल पूरा होने के बाद एक पल रुकें, फिर जवाब शुरू हो।
  • "हाँ-हाँ", "अच्छा", "जी" जैसी हामी धीमे स्वर में भरें या सिर हिलाकर दें।
  • तीन-चार लोगों की चर्चा में फ़ोन को बीच में रखें और सबको बराबर दूरी पर बैठाएँ।

याद रखें कि अपने आप बनने वाले ज़्यादातर ट्रांसक्रिप्ट यह नहीं बताते कि कौन बोल रहा है। अगर आपको हर वाक्य के आगे नाम चाहिए, तो वह बाद में हाथ से जोड़ना होगा।

लंबी रिकॉर्डिंग से पहले दो मिनट की जाँच

लेक्चर, इंटरव्यू या मौखिक इतिहास जैसी लंबी रिकॉर्डिंग शुरू करने से पहले यह छोटी जाँच ज़रूर करें:

  1. जिस जगह बैठकर रिकॉर्ड करना है, वहीं 30 सेकंड की टेस्ट रिकॉर्डिंग करें — बोलने वाला अपना नाम, तारीख़ और एक-दो वाक्य बोले।
  2. उसे ईयरफ़ोन लगाकर सुनें, फ़ोन के स्पीकर पर नहीं। स्पीकर पर गूंज और शोर पता नहीं चलते।
  3. देखें कि आवाज़ फटी हुई तो नहीं है (बहुत पास या बहुत ज़ोर से), और बहुत धीमी तो नहीं है।
  4. बीच में 5 सेकंड चुप रहकर सुनें कि पीछे क्या-क्या सुनाई दे रहा है — पंखा, सड़क, टीवी।
  5. ठीक लगे तो उसी सेटअप को बिना हिलाए असली रिकॉर्डिंग शुरू करें।
टेस्ट रिकॉर्डिंग का उदाहरण

"आज 12 मार्च है, मैं सुनीता वर्मा, लखनऊ से बोल रही हूँ। यह रिकॉर्डिंग की जाँच है।" — इस वाक्य में तारीख़, नाम, शहर और स्त्रीलिंग क्रिया तीनों हैं। अगर टेस्ट ट्रांसक्रिप्ट में ये सही आ गए, तो सेटअप ठीक है; अगर नाम या तारीख़ बिगड़ रहे हैं, तो फ़ोन पास कीजिए या शोर का स्रोत बंद कीजिए।

अंग्रेज़ी में ऑडियो की गुणवत्ता कैसे जाँचें (अंग्रेज़ी में) वाले लेख में यही जाँच और विस्तार से दी गई है।

रिकॉर्डिंग तैयार हो गई: mydubly से हिंदी ट्रांसक्रिप्ट

साफ़ रिकॉर्डिंग किसी भी ट्रांसक्रिप्शन टूल के साथ बेहतर नतीजा देगी। अगर आप mydubly इस्तेमाल करते हैं, तो प्रक्रिया यह है: होम पेज पर ऑडियो वाले हिस्से में "Drop audio here" पर अपनी फ़ाइल डालें। फ़ोन के वॉइस रिकॉर्डर की M4A फ़ाइल, MP3, WAV, AAC, OGG, FLAC और WebM सीधे चल जाती हैं; एक फ़ाइल अधिकतम 2 घंटे की हो सकती है। "Audio and text output" टॉगल बंद रखें, ताकि सिर्फ़ टाइमस्टैम्प वाला ट्रांसक्रिप्ट बने, फिर "Transcribe audio" बटन दबाएँ। काम पूरा होने तक टैब खुला रखें। ज़्यादा जानकारी ऑडियो से टेक्स्ट (अंग्रेज़ी में) वाले पेज पर है।

बोली गई भाषा अपने आप पहचानी जाती है; आप उसे हाथ से नहीं चुन सकते। पहचान Whisper पर आधारित है और चुप्पी वाले हिस्से छोड़ दिए जाते हैं। तैयार होने पर "Download transcript" से सादा टेक्स्ट, "Download timestamped transcript" से समय के साथ टेक्स्ट और "Download subtitles" से SRT फ़ाइल मिलती है।

लागत का हिसाब

60 मिनट का लेक्चर = 60 क्रेडिट यानी $0.06। 3 मिनट की छोटी क्लिप पर भी न्यूनतम 5 क्रेडिट लगते हैं। साइन-अप पर मिलने वाले 100 मुफ़्त क्रेडिट 100 मिनट तक के ट्रांसक्रिप्शन के लिए काफ़ी हैं।

mydubly क्या नहीं करता, यह भी जान लें: यह शोर हटाने या आवाज़ सुधारने का टूल नहीं है, इसलिए खराब रिकॉर्डिंग खराब ही रहेगी। यह बोलने वालों के नाम नहीं लगाता, ट्रांसक्रिप्ट को ऐप के अंदर संपादित करने की सुविधा नहीं देता (डाउनलोड की गई फ़ाइल किसी भी एडिटर में ठीक करें), और WhatsApp की .opus वॉइस नोट या .amr कॉल रिकॉर्डिंग सीधे नहीं लेता — उन्हें पहले MP3 या M4A में बदलना होगा, जिसका तरीका WhatsApp वॉइस नोट को टेक्स्ट में बदलने वाले लेख में है। हिंदी-अंग्रेज़ी मिली बोली जैसी सुनी जाती है वैसी लिखी जाती है, पर उसमें गलतियाँ ज़्यादा हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या महँगा माइक खरीदना ज़रूरी है?

नहीं। शांत कमरे में फ़ोन को बोलने वाले के पास रखने से ज़्यादातर काम चल जाता है। माइक से ज़्यादा फ़र्क कमरे की गूंज, पंखे-कूलर और माइक की दूरी से पड़ता है। अगर बार-बार इंटरव्यू लेने हैं, तो एक सस्ता तार वाला लैपल माइक अच्छा निवेश हो सकता है।

रिकॉर्डिंग के बाद शोर हटाने वाले ऐप से काम चल जाएगा?

थोड़ा-बहुत फ़र्क पड़ सकता है, पर ज़्यादा शोर हटाने से आवाज़ भी धातु जैसी और कटी-कटी हो जाती है, जिससे शब्द पहचानना और कठिन हो सकता है। रिकॉर्डिंग के समय शोर रोकना हमेशा बाद में हटाने से बेहतर है। फ़िल्टर लगाएँ तो हल्का लगाएँ और पहले छोटे हिस्से पर आज़माएँ।

फ़ोन की रिकॉर्डिंग किस फ़ॉर्मैट में रखूँ?

ज़्यादातर फ़ोन के वॉइस रिकॉर्डर M4A फ़ाइल बनाते हैं, जो ट्रांसक्रिप्शन के लिए ठीक है। अगर ऐप में गुणवत्ता का विकल्प हो, तो सबसे कम वाली सेटिंग न चुनें। फ़ाइल को WhatsApp से आगे भेजने पर वह दोबारा दबाई (कंप्रेस) जा सकती है, इसलिए मूल फ़ाइल सीधे कंप्यूटर में लें।

गाँव या बाज़ार में इंटरव्यू ले रहे हैं, क्या करें?

शोर वाली जगह से थोड़ा हटकर किसी घर के अंदर, बरामदे या पेड़ की छाँव में बैठें। फ़ोन बोलने वाले के पास रखें, अपने पास नहीं। हवा तेज़ हो तो फ़ोन को शरीर की ओट में रखें। ज़रूरी बात पर शोर आ जाए तो उसी समय दोबारा पूछ लें।

क्या दो लोगों की बातचीत में ट्रांसक्रिप्ट बताएगा कि किसने क्या कहा?

mydubly बोलने वालों के नाम या लेबल नहीं लगाता; ट्रांसक्रिप्ट में सारी बातचीत क्रम से आती है। टाइमस्टैम्प वाला ट्रांसक्रिप्ट डाउनलोड करके आप रिकॉर्डिंग सुनते हुए नाम खुद जोड़ सकते हैं। साफ़ बारी-बारी से बोलने पर यह काम काफ़ी आसान हो जाता है।

रिकॉर्डिंग की आवाज़ बहुत धीमी आई है, क्या ट्रांसक्रिप्ट बनेगा?

बन सकता है, पर धीमी आवाज़ में छोटे शब्द और नाम छूटने की संभावना बढ़ जाती है। अगली बार फ़ोन पास रखें और टेस्ट रिकॉर्डिंग ईयरफ़ोन पर सुनें। मौजूदा फ़ाइल के लिए किसी ऑडियो एडिटर में आवाज़ थोड़ी बढ़ाकर (नॉर्मलाइज़ करके) आज़मा सकते हैं।